Kalyug kab khatam hoga | कलयुग का अंत कब और कैसे होगा

Kalyug kab khatam hoga, घोर कलयुग कब आएगा, घोर कलयुग में क्या होगा, कलयुग का अंत कब और कैसे होगा, कलयुग का अंत कौन करेगा –

हैलो दोस्तों आज के इस लेख में आप सभी का सवागत है। आप सब यह तो जानते ही होंगे कि आज का दौर कलियुग का दौर चल रहा है और इस दौर या युग गो वर्तमान युग के नाम से भी जाना जाता है।जब कलियुग खत्म होने वाला होगा तब दुनिया भी खत्म हो जाईगी।

तो क्या आप यह जानते है कि कलियुग कितना बाकी है या फिर कलियुग का अंत कब और कैसे होगा? Kalyug kab khatam hoga अगर आप कलियुग के बारे में पूरी जानकारी लेना चाहते हैं तो इस लेख को आखरी तक ज़रूर पढ़े। इस लेख में आप सभी को कलियुग से जुड़ी हर एक जानकारी देने की कोशिश की गई है।

इस लेख के माध्यम से आप जानेंगे कि कलियुग का अंत कब और कैसे होगा, Kalyug kab khatam hoga कलियुग में मानव की स्थति कैसी होगी,कलियुग में सावधान क्यो रहना है, पुराणों के अनुसार कलियुग का अंत कैसे होगा ,घोर कलियुग कब आ सकता है, कलियुग का अंत होने से पहले के लक्षण ,कलियुग के अंत के बाद क्या क्या होगा,अभी कलियुग कितना बाकी है और कलियुग कितनी बार आ चुका है। आप कलियुग से जुड़ी लगभग हर एक जानकारी इस लेख के अन्दर देखेगें।

कलियुग का अंत कब होगा – Kalyug kab khatam hoga?

अगर हम पुरानी पवित्र किताबों को देखे तो कलियुग के अंत की बहुत सारी बाते हमारे सामने आएंगी। सभी पवित्र किताबों में से एक है गीता जिसमें भगवान विष्णु ने कुछ बाते कलियुग की शुरुआत और इस दुनिया के अंत के बारे में बताई हैं।

ऐसा माना जाता है कि भगवान शिव ने गीता के कुछ विद्रोहियों भगवान विष्णु को इस दुनिया की पूरी ज़िम्मेदारी सौंपी थी। जिसमें उन्होंने कलियुग की शुरुआत व अंत दोनों के बारे में बताया। तो जिसके अनुसार इस दुनिया के अंत का कारण एक महिला हो सकती है।

गीता में कलियुग का जो वर्णन बताया गया है उसके अनुसार, जिस दिन जब कोई स्त्री श्रृंगार करती है उर उस श्रृंगार के रूप में वह अपने बाल काटने लगती है, या फिर एक पुत्र अपने पिता पर हाथ उठाएगा, या फिर जब चारों ओर केवल झूठ ही झूठ बोला जाएगा और सत्य का कोई नामो निशान ही न हो, हम में से कोई सुरक्षित महसूस न करे , लोग अपनी उमर से पहले ही मरना शुरू हो जाए तो समझ लिए कि कलियुग आपके बहुत ही करीब है।

कलियुग का अंत कैसे होगा –

जब कलियुग का समय हमारे करीब होगा ती बड़े-बड़े भयंकर युद्ध होना शुरू हो जाएंगे, तेज़ तुफानी बारीशे होगी और बहुत ही ज़्यादा गरमी होगी। माहौल बहुत ही खराब हो जाएगा। लोग सबसे पहले अपना सोचेगें, चाहे वो आपका जितना भी करीबी दोस्त हो या फिर रिश्तेदार हो।

इनसानियत तो मानो ऐसे खत्म सी हो जाएगी कि लोग पानी, खाना और यहा तक के मन्दिरो से पेटियां तक भी चुरा लेगें। अचानक मोरे होंगी और इनसान की उम्र केवल 30 वर्ष तक ही रहेगी उसके बाद उसे बीमारियाँ घेर लेंगी या फिर वो मर जाएगा।

इसे भी पढ़े- Stress Meaning In Hindi | जानिए तनाव का मतलब हिंदी में

कलियुग में मानव की स्थति कैसी होगी-

कलियुग के समय में ऐसा हो जाएगा कि पेड़ों पर फल निकलना बन्द हो जाएंगे और गाय दूध देना भी बंद कर देगी। स्त्रियां का स्वभाव बहुत ही बुरा हो जाएगा। उनका स्वभाव कठोर और उनकी बोली में कड़वाहट होगी। वे अपने पति का आदर सम्मान नही करेंगी और साथ ही साथ अपने बड़ो का भी आदर सम्मान नही करेंगी।

स्त्रियां केवल पैसे के पीछे भांगेगी। जिसके पास पैसा होगा लोग केवल उसी की वाह वाही करेगें और उसी को इज्ज़त देंगे। धार्मिक इन्सान सबसे ज़्यादा बुराई करेगा और दूसरो को अच्छे काम करने की नसीहत देगा। समाज के सभी लोग बहुत ही हिंसक हो जाएंगे। जो लोग ताकतवर और अमीर होंगे बस केवल उनही का राज चलेगा।

धीरे-धीरे करके तमाम करीबी रिश्ते टूटने लगेंगे। जुआ, शराब, और बुराई बहुत ही आम हो जाइगी। लोगों के व्यवहार में केवल बुरी बातें और बुरे शब्द ही बाकी रह जाएंगे। स्त्री और पुरुष दोनों का ही स्वभाव बहुत ही खराब हो जाएगा। और दोनों किसी भी धर्म का पालन नहीं करेंगे।

कलियुग में सावधान रहने का महत्व-

कलियुग के समय में बुरीई बहुत ही आम हो जाइगी। भयंकर तूफान आते रहेंगे। लेख अपने मकानों मे नही रह सकेंगे। हमारे सभी साधन धीरे धीरे करके समाप्त होना लगेंगे। दुनिया में पानी की मात्रा केवल 100 फुट तक ही रह जाएगी। पानी सूखने लगागे और पेड़ मुरझाने लगेगें।

हल इन्सान अपनी ही उलझनों में उलझा रहेगा। धर्म को इन्सान बहुत ही बुरा मानने लगेगा और उपर वाले पर विशवास नही करेगा। गरीबों की कोई इज्ज़त नही रहेगी।

इनसान इसी सब अपराधों में लिप्त रहेगा। तो हमें पहले से ही अपने आप को सावधान रखना चाहिए कि हमे इन सब अपराधों कै आस पास भी नही जाना है।

ग्रंथों/पुराणों के अनुसार कलियुग का अंत कैसे होगा-

कलियुग को वर्तमान युग के नाम से भी जाना जाता है। सनातन धर्म के ग्रंथों के अनुसार चार युग बताए गए हैं। पहला है सतयुग, दूसरा है त्रेतायुग, तीसरा है द्वापर युग और चोथा है कलियुग। इन चारो योगो में से कलयुग की आयु सबसे ज़्यादा है और हिन्दू शास्त्रो के अनुसार कलयुग की आयु 4,32,000 तक बताई गई है।

पुराणों के अनुसार कलियुग के अंत में लोगों की हत्या, चोरी और बलात्कार सबसे अधिक होने लगेगें। जिससे दुनिया का निज़ाम ही बदल सा जाएगा। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि हर इन्सान एक दुसरे के प्रती बदले और जलन की भावना रखेगा। कोई किसी की भलाई नही चाहेगा। इनसान बस स्वार्थी हो जाएगा।

कलियुग के अंत में ऐसा होने लगेगा कि न कोई पुत्र अपने बाप से मतलब रखेगा और न ही को बेटी अपनी माँ से मतलब रखेगी। इनसान का धर्म पूरी तरह से खत्म हो जाएगा। इन सबके बाद हो होगा कलियुग का अंत।

इसे भी पढ़े- Kala Jadu Kaise Sikhe – तांत्रिक वाला काला जादू कैसे सीखें

घोर कलियुग कब आ सकता है –

वेदों के अनुसार जब कलयुग की समाप्ती हो जाएगी तो उसके बाद ही घोर कलयुग आएगा। लेकिन उसका समय बहुत ही कम होगा। ग्रंथो मे यह कहां गया है कि कलयुग के अंत में धरती पर इतने ज़्यादा पाप होने लगेंगे कि इंसान एक दुसरे से बहुत ही ज़्यादा लड़ेगा। उपर वाले को तो कोई मानेगा ही नही। ए इंसान दुसरे इंसान से तभी बात करेंगा जब उसे कोई मतलब होगा।

इंसान किसी जानवर की तो क्या आपने करीबी रिश्तेदारों की मदद भी नही करेगा। ज्योतिष के अनुसार चार युग होते हैं। यह चार युग है- सतयुग, त्रेतायुग, द्रापरयुग तथा कलयुग हैं। ऐसा माना जाता है कि जब घोर कलयुग आएगा तब दुनिया का एक अलग ही रूप देखने को मिलेगा। क्योंकि तब दुनिया में हर तरह के पाप होगें और पापों की चरण सीमा बहुत ही बढ जाइगी।

अन्यथा वेदों के अनुसार यह पता चलता है कि कलयुग समाप्त होने के बाद ही घोर कलयुग शुरू होजा।घोर कलियुग के आने पर इंसान बस केवल अपने ही मतलब का सोचेगा। सिर्फ खुद की ही मदद करेगा।

कलियुग के अंत होने से पहले के लक्षण –

कलियुग का अंत होने से पहले हमें बहुत सारे लक्षण देखने को मिलेंगे। पुराणों के अनुसार कलियुग में पाप बहुत ही ज़्यादा बढ़ जाएंगे, इन्सान एक दुसरे पर अत्याचार करेंगे यहा तक कि हर देश आपस में एक दूसरे से लड़ने को तैयार रहेगा, जानवरों पर भी बहुत अत्याचार होगा।

वातावरण में बहुत बुरी बुरी गेसेस फेल जाइगी। न ही धरती रहने लायक होगी और न ही पानी पीने के लायक रहेगा। खाने को सारी अच्छी चीजें खत्म हो जाइगी। मानो दुनिया में एक तरह का हाहाकार मच जाएगा।

कलियुग के अंत होने से पहले लोग खुद के धर्म पर ही विश्वास नहीं करेंगे। बस बुरा बुरा बोलेगें और बुरी भाषा का इस्तेमाल करेंगे। इनसानियत भी खत्म हो जाईगी। कोई भी रिश्ते में प्रेम नही बचेगा। और लोग खुले आम पाप करेंगे पाप करने से डरेगें नहीं।

मनुष्य की आयु केवल 20 वर्ष ही रह जाएगी।ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार कलियुग में एक ऐसा समय भी आएगा जब इंसान की उम्र बहुत कम ही रह जाएगी और युवावस्था समाप्त हो जाएगी।

कलियुग का अंत जब करीब होगा तो दुनिया की ऐसी दशा होगी कि अन्न का एक दाना भी नहीं बचेगा न ही उगेगा। लोग केवल मछली-मांस ही खाएंगे। और साथ ही साथ पेड़ों पर फल भी नहीं लगेंगे। धीरे-धीरे ये सारी चीजें खत्म सी होती जाएंगी।

इसे भी पढ़े- Amazing Interesting Facts In Hindi | हैरान कर देने वाले रोचक तथ्य

कलियुग के अंत के बाद क्या क्या होगा –

पुराणों  के अनुसार यह पता चलता है कि जब कलयुग का पूरी तरह से अंत हो जायेगा तब धरती पर एक और नये प्राकार के जीवन की शुरुआत होगी। धरती पर फिर से

प्रकति का निर्माण होना शुरू हो जाएगा। सारे इन्सानो का फिर से जन्म होगा। लेकिन यह जो नया युग होगा इसमे न तो कोई पाप होगा और न तो कोई बुराई होगी। सब लोग अपने अपने धर्म की इज्ज़त करेंगे।

इस युग की अवधि 17 लाख 28 हज़ार वर्ष तक की होगी और इस नये युग में मनुष्यों की उम्र 4000 से 10000 वर्ष तक की हो जायगी। हर तरफ जो भी लोग होंगे वो धार्मिक होंगे। और अपने धर्म का अच्छे से पालन भी करेंगे।

हर इन्सान एक दुसरे के प्रती प्रेम की भावना रखेगा और एक दूसरे की दिल से मदद भी करेगा। किसी के दिल में किसी के भी लिए कोई बुराई नहीं जन्म ले पाएगी। इनसानियत चारो तरफ फैली हुई होगी। लोग खुद से पहले दूसरो का सोचेगें। हर कोई ज्ञान पाना चाहेगा ज्ञान को सीखना चाहेगा। हर एक इन्सान के पास मानसिक सुख होगा। सब लोग अपने अपने धार्मिक प्रतिक्रियाओ को अच्छे से निभाएगें।

अभी कलियुग कितना बाकी है –

यह जो समय चल रहा है यह कलियुग का ही समय चल रहा है। इसी कलियुग में दुनिया का विनाश भी होने ही वाला है। अगर आपको यह नही पता है कि अभी कलियुग कितना बाकी है तो आप सब यह जान ले कि कलयुग को शुरू हुए केवल 5122 वर्षी ही हुए हैं। जबकि कलयुग के अभी 4 लाख 32 हज़ार वर्ष होने वाले हैं।

इसका मतलब यह हुआ कि कलयुग के अभी 4 लाख 26 हज़ार 878 साल बचे हुए है। इससे यह पता चलता है कि अभी कलयुग को खत्म होने में बहुत ही ज़्यादा समय बहचा हुआ है। आप सब इस बात से यह समझले कि अभी केवल कलयुग का एक छोटा भाग ही बीता है।

बहुत सारे ऐसे लेख मौजूद है जिनसे यह पता चलता है कि अभी कलियुग कितना बाकी है और उन लेखो में इस दुनिया का एक बहुत ही खतरनाक नज़ारा दिखता है। काफी सारे ग्रंथों के अनुसार यह पता चलता है कि कलयुग के अंत में एसिड रैन तक होने वाली है। जिसे हम हिंदी में अमल वर्षा कहते हैं।

जिसके कारण दुनिया में मौजूद सभी पेड़ और पौधे खत्म हो जायेंगे। जिसके बाद एक बहुत ही ज़्यादा खतरनाक चीज़ होगी जो कि है कि जब दुनिया से सब पेड़, पौधे और फल खत्म हो जाएंगे तो इन्सान एक दूसरे को ही खाना शुरू कर देगा। फिर इसी के कारण दुनिया में इन्सानो का भी विनाश हो जाएगा।

कलियुग कितनी बार आ चुका है –

कलियुग कम से कम 4,36,000 वर्ष तक रहेगा। इस समयकलियुग का प्रथम चरण ही चल रहा है। कलियुग की शुरुआत 3102 ईसा पूर्व में हुई थी। जब पांचो ग्रह (मंगल, बुध, शुक्र, बृहस्पति और शनि) मेष राशि में 0 डिग्री पर थे। इसका यह मतलब है कि कलियुग के 3102+2020=5122 साल अभी तक बीत चुके हैं और अभी 426882 साल बाकी हैं।

FAQ

Q. एक युग कितने वर्ष का होता हैं?

युग के बारे में अलग अलग कहा जाता है क्योकि एक युग मे लाखो वर्ष होते है जैसे- सतयुग 17 लाख 28 हज़ार साल का होता है, त्रेतायुग 12 लाख 96 हज़ार साल का होता है, द्रापर युग 8 लाख 64 हज़ार साल का होता है, कलयुग 4 लाख 32 हज़ार साल का बताया गया है

Q. कलयुग खत्म होने में कितना समय है?

वेदों और शास्त्रों के अनुसार कलयुग 4 लाख 32 हज़ार साल का होता है और कलयुग 3102 ई, पूर्व से शुरू हुआ था और अभी 2023 चल रहा है 3102+2023 इन्हें जोड़ने पर 5125 आ रहे है अब इसे 4 लाख 32 हज़ार से माइनस कर दो तो अभी कलयुग 406,875 साल बाकी है।

निष्कर्ष-

तो दोस्तों आप सभी ने इस लेख के माध्यम से Kalyug kab khatam hoga कलियुग के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त की। हमने आपको कलियुग से जुड़े लगभग हर प्रश्नन का उत्तर दिया है। साथ ही साथ आपने कुछ नये और महत्वपूर्ण चीजें भी जानी। जिससे आपके ग्यान में बढोतरी होगी।

हम उम्मीद करते हैं कि आप को यह लेख पसंद आया होगा और इस लेख से आपने बहुत सारी इंफॉर्मेशन हासिल की होगी। इस लेख को आप अपने दोस्तों के साथ ज़रूर शेयर करें।

यह भी पढ़े?

You cannot copy content of this page