Job Vs Business In Hindi | जॉब करे या बिज़नेस दोनों में क्या चुने?


रोजगार और नौकरी में अंतर, बिजनेस क्यों करना चाहिए, govt job vs business in hindi, job vs business essay, naukri vs business in hindi, Job Vs Business In Hindi आदि इन सब के बारे में जानेंगे।

हैलो दोस्तों आज के Job Vs Business In Hindi इस लेख में आप सभी का सवागत है। हम में से हर कोई अपने कॅरियर को लेके बहुत ही चिंता में रहता है। हम कोई भी काम करते हैं लेकिन उससे संतुष्ट नही हो पाते हैं। हमेशा यही सोचते रहते हैं कि कुछ और कर ले जिससे हमारा सोर्स ओफ इन्कम बढ़ जाए।

हम लोग एक चीज़ में सबसे ज़्यादा confuse रहते हैं कि हमे job करनी चाहिए या फिर किसी चीज़ का business करना चाहिए। इनमें से किसी एक को चुनने के लिए हर किसी के मन में बहुत सारे सवाल होते हैं।

इसलिए आप सभी की इस confusion को दूर करने के लिए और आप के सारा सवालों का जवाब देने के लिए हम आज के लेख में आपको job vs business in hindi में बताएगें।

Job का मतलब क्या होता है- Job Vs Business In Hindi?

Job या नौकरी एक ऐसा तरीका होता है जिसमें आप किसी ऑफिस या आर्गेनाईजेशन में काम करके अपना समय देते हैं और उनके लिए एक निश्चित समय के लिए काम करते हैं और बदले में वे आपको सैलरी देते हैं।

Job के प्रकार

सरकारी नौकरी- अगर आप किसी ऑफिस या ऑर्गेनाइजेशन में काम करते हैं जो सरकार द्वारा चलाया जा रहा है तो उसे गवर्नमेंट जॉब यानी सरकारी नौकरी कहते हैं। इसमे सरकार के द्वारा सैलरी मिलती है।

प्राईवेट जॉब- जब आप किसी प्राइवेट ऑफिस या प्राइवेट ऑर्गेनाइजेशन में काम करते है और उसके बदले मे वे आपको सैलरी देते हैं तो उसको प्राइवेट जॉब कहते हैं।

सरकारी नौकरी के फायदे –

इसमे आपको अपनी जॉब का कोई रिस्क नही होता है। कभी भी आपकी जोब खत्म नही होती है। यह एक परमानेनट जॉब होती है। जो लोग सरकारी नौकरी में होते हैं उनको कुछ लाभ मिलते हैं जैसे कि स्वास्थ्य सुरक्षा, बीमा, पेंशन आदि।

जो बड़े अधिकारी होते हैं उन्हे रहने के लिए घर व गाड़ी भी दी जाती है। सतकारी नौकरी से आपको बहुत इज्ज़त मिलती है और आपके पास काफी पावर भी होती है।

सरकारी नौकरी के नुकसान –

सरकारी नौकरी में एक फिक्स सैलेरी होती है जिससे केवल साधारण ज़िन्दगी ही गुज़ारी जा सकती है। बहुत लक्ज़री लाईफ़ नही गुज़ारी जा सकती है। लेकिन अगर आपका पद धिरे धिरे बढ़ता है तो आप अच्छी सैलेरी पर पहुच सकते हैं। जो लोग रोज़ कुछ न कुछ अलग करना चाहते हैं तो उनके लिए सरकारी नौकरी नही बनी है। जिन लोगो को अपनी जिंदगी में सारे ऐश और आराम चाहिए हो तो उन्हे सरकारी नौकरी नही करनी चाहिए।

प्राइवेट जॉब के फायदे –

अगर आप के पास कोई अच्छी स्किल है तो आप प्राइवेट जॉब में सरकारी नौकरी से कहीं ज़्यादा सैलरी पा सकते हैं। प्राइवेट जोब में सरकारी नौकरी के मुताबिक ग्रोथ जल्दी होती है। क्योंकि जैसे जैसे आपका एक्सपीरियंस बढ़ता जाता है वैसे वैसे आपका पद और सैलरी दोनों ही बढ़ती है। प्राइवेट जॉब में आप कुछ ना कुछ नया सीखते ही रहते हैं।

प्राइवेट जॉब के नुकसान –

अगर आप सरकारी नौकरी में रिटायर होते हैं तो आपको पेंशन मिलती है लेकीन प्राइवेट जॉब में ऐसा कुछ नही होता है। आप जिस कम्पनी में काम कर रहे हैं और उस कम्पनी को नुकसान होता है तो इससे आपकी जॉब खतरे में पड़ सकती है। प्राइवेट जॉब में सरकारी नौकरी के मुताबिक कॉम्पिटिशन बहुत होता है। इसमे ज़्यादा छुट्टियाँ नहीं मिलती।

बिज़नस क्या होता है –

बिज़नस का जो मोटिव होता है वो होता है केवल पैसे कमाना। थोड़े पैसे लगाकर धीरे धीरे धीरे उस पैसे को बढाना।बिज़नस में फायदा भी होता है और नुकसान भी होता है। बिज़नस एक इन्सान अकेले भी कर सकता है या फिर किसी और के साथ मिलके भी कर सकता है जिसे पार्टनरशिप कहा जाता है।

बिज़नस के फायदे –

बिज़नेस पर महंगाई, बेरोज़गारी या फिर मंदी का बहुत ही कम प्रभाव पड़ता है। बिज़नेस व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाता है। इसमे आप स्वतंत्र होते हैं और खुद ही सारे फैसले करते हैं। किसी के सहारे की आवश्यकता नही होती है। आप अगर एक अच्छा बिज़नेस सेटअप कर लेते हैं तो वह आपके आनी वाली पीढ़ी के लिए बहुत फ़ायदे मन्द साबित होता है।

इसमे आपके बच्चो की सुरक्षा रहती है और उन्हे कठिन परिश्रम भी नही करना पड़ता है। अगर आप अपना बिज़नेस कर रहे हैं तो आप बहुत सारे लोगों को रोज़गार दे सकते हेै। बिज़नेस करने से आपको अपना शहर छोड़ने की ज़रूरत नही पड़ती है। बिज़नेस में आप जब चाहें काम करे और जब चाहें छुट्टी करे। आपके लिए कोई टाईम लिमिट नही होती है। बिज़नेस में नौकरी से कहीं ज़्यादा कमाई होती है।

त्योहारों पर बिज़नेस बहुत ही ज़्यादा चलता है। अगर आप बिज़नेस करना चाहता है तो आप कभी भी अपना काम अपने कर्मचारियों को सौंप कर कहीं भी घूमने जा सकते हैं। बिज़नेस में आप खुद ही मालिक होते हैं। आपको आपके काम के बारे में घर बैठें ही मैनेजर, सुपरवाइज़र, या अन्य कर्मचारीयो के द्वारा खबरें मिलती रहती है। बिज़नेस में आपको नौकरी की तरह मंथली सैलरी की चिंता करने की ज़रूरत नही पड़ती है।

बिज़नेस के नुकसान –

बिज़नेस में रिस्क बहुत होता है। तो अगर आप रिस्क लेने की क्षमता रखते हो तभी आपको बिज़नेस करना चाहिए। क्योंकि अगर आपके अन्दर रिस्क लेने की क्षमता नही होती है तो आप अपने बिज़नेस में सफल नहीं हो पाएंगे। बिज़नेस के शुरू के सालों में इन्सान को बहुत ही सब्र के साथ काम करना होता है।

क्योंकि शुरूआत में बिज़नेस रिस्क से भरा हुआ होता है। आपको अपना बिज़नेस सेटअप करने के लिए एक अच्छी लोकेशन देखनी चाहिए। अगर आप गलत लोकेशन पे अपना बिज़नेस सेटअप करेंगे तो कुछ टाईम में आपको अपना बिज़नेस बन्द करना पड़ जाएगा।

बिज़नेस करने के लिए आपका व्यवहार अपने ग्राहको के साथ बहुत ही अच्छा होना चाहिए क्योंकि एक अच्छे बिज़नेसमेन के लिए ग्राहक की संतुष्टि सबसे पहले होनी चाहिए। अपने बिज़नेस में आप अगर ग्राहको को पोस्ट सर्विस नही देंगे तो आपके ग्राहक दुबारा आपके पास नही आएंगे।

Self Employed का मतलब क्या होता है –

इस के अन्दर वे लोग आते हैं जो अपना खुद का कोई काम करके पैसे कमाते हैं। वे किसी ऑर्गेनाइजेशन में काम नही करते हैं और खुद की मरज़ी के मालिक होते हैं। जैसे कि आप अपने घर पे बच्चो को पढ़ाते हैं। खुद की जगह और खुद ही सारा समय देते हैं तो इसी को self employed कहा जाता है।

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Job और Business में कुछ अन्तर –

अब हम Job और Business में कुछ अन्तर को समझते हैं-

आज़ादी –

हम में से हर कोई आज़ादी और अपनी सहुलियत के मुताबिक काम करना चाहता है। किसी के दबाव में रहकर काम करना किसी को भी नही पसन्द होता है। अगर आप जोब करेंगे तो आपको आज़ादी नही मिल सकेगी। क्योंकि जोब में हर काम बॉस के मुताबिक ही होता है। आपको किसी भी समय मे कोई भी काम करना पड़ेगा जो आपका बॉस आपसे कहेगा।

वही अगर बिज़नेस की बात आती है तो बिज़नेस में आपको खुली आज़ादी रहती है। क्योंकि इसमे आप खुद ही बॉस होते हैं और अपनी मर्ज़ी के मालिक होते हैं।

काम का समय-

अगर आप जोब करते हैं तो उसका एक निश्चित समय होता है 9 से 5 या 10 से 6। लेकिन बिज़नेस में आपको 15 घन्टे या 18 घन्टे या कभी कभी इस से ज़्यादा समय भी देना पड़ता है। अगर आपको अचानक किसी भी समय कोई काम आ जाए तो वो भी आपको करना होता है।

रिस्क-

जॉब में किसी भी तरह का कोई भी रिस्क नही होता है। इसमे केवल आपको उतना ही करना होता है जितना आपके बॉस आपसे कहते हैं। बिज़नेस में बहुत ही ज़्यादा रिस्क होता है। कभी भी फायदा और कभी भी नुकसान हो जाता है। लेकिन बिज़नेस में जब आप रिस्क लेगें तभी आप अपने बिज़नेस को बढ़ा पाएंगे।

पैसा

जॉब में आपको महीने के अन्त में एक Fixed सैलरी ही मिलती है। अगर आपका promotion होता रहेगा तो ही आपकी सैलरी बढ़ती रहेगी। और promotion भी जल्दी जल्दी नहीं होता है।

वही अगर आप बिज़नेस करेंगे तो आपका कोई fixed amount नही होगा। कभी आपको फायदा होगा तो कभी आपको नुकसान होगा। और ऐसा भी होता है कि कभी कभी आप एक दम से लेखों कमाले। सब कुछ आपकी मेहनत पर ही निर्भर होता है।

सिक्योरिटी

जॉब और बिज़नेस दोनों में सिक्योरिटी नही होती है। क्योंकि जॉब में आपके बॉस आपको निकाल सकते हैं और बिज़नेस में आपको कभी भी नुकसान हो सकता है।

मानसिक तनाव-

जॉब में बहुत कम ही मानसिक तनाव होता है क्योंकि इसमे केवल आपको काम करना होता है। कम्पनी का फायदा और नुकसान सब बॉस को देखना होता है। और वही बिज़नेस में मानसिक तनाव बहुत ही ज़्यादा होता है क्योंकि इसमे बॉस को ही बिज़नेस का फायदा, नुकसान और कर्मचारीयो को सबको देखना पड़ता है।

अच्छा लाइफ़ सटाईल-

आप एक अच्छा लाइफ़ सटाईल सिर्फ बहुत सारे पैसो से ही पा सकते हैं। जिस के लिए आपको बिज़नेस करने की ही ज़्यादा ज़रूरत पड़ेगी। क्योंकि जॉब करके इन्सान केवल अपनी ज़रुरतो को ही पूरा कर सकता है लेकिन अपने सपनो को नही।

डिग्री-

अगर आप कहीं पे जॉब करने जाते हैं तो आपके पास उस आर्गेनाइजेशन के मुताबिक कुछ डिग्री या फिर सर्टिफिकेट होना आवश्यक है। क्योंकि जॉब के लिए आपको बहुत पढ़ाई करनी होती है। बिना किसी अच्छी डिग्री के आप एक अच्छी जॉब नही पा सकते हैं।

और अगर आप बिज़नेस करना चाहता है तो उसमे ऐसा कुछ नही है। बिज़नेस करने के लिए कोई भी डिग्री नही लगती है। बिज़नेस के लिए आपके पास बिज़नेस माइंड सेट और कुछ पैसा होना ज़रुरी है।

रोज़ मर्रा की जिंदगी-

बिज़नेस की जिंदगी में आप हर दिन कुछ अलग करते हैं और हर दिन कुछ अलग सीखते हैं। साथ ही साथ अपने बिज़नेस को ग्रो करने के लिए नये नये लोगों से भी मिलते हैं। लेकिन जॉब में ऐसा नहीं होता है। क्योंकि जॉब में वो चीज़े निश्चित रहती है जो आपको रोज़ ही करनी पड़ती है।

हर समय कमाई-

बिज़नेस में हम हर समय कमाई कर सकते हैं। अगर आप सो भी रहे होते हैं तो आपके लिए आपके बिज़नेस में काम चल ही रहा होता है। जिससे की पैसा आना रुकता नहीं है। लेकिन जॉब में आपको उतना ही पैसा मिलता है जितना आप काम करते हैं।

जॉब और बिज़नेस में क्या समानता है-

हमारे देश में आज के समय में बेरोज़गारी बहुत ही ज़्यादा बढती जा रही हैं । हर साल 5% लोग एक नए बिज़नेस को सेटअप कर रहे हैं। जॉब और एक बिज़नेस दोनों ही करना आज के समय में बहुत मुश्किल है। जैसे जैसे बिज़नेस बढ़ता जाता है तो उसमें ग्रोथ भी होती हैं। वैसे ही जॉब में जब experience बढ़ता हैं तो promotion होती हैं।

बिज़नेस और जॉब आपको जो भी करना हो उसमे आपको इंटरेस्ट होना चाहिए। वरना तो आप बोर होने लगेगें फिर आपको नुकसान उठाना पड़ जाएगा।

कैसे निर्णय ले कि जॉब करे या बिज़नेस-

निचे कुछ पॉइंट्स दिए गए हैं। जिसे समझ कर आप निर्णय ले सकते हैं कि आपको जॉब करनी चाहिए या फिर बिज़नेस- सबसे पहले आपको अपनी योग्यता और इंटरेस्ट को समझना और देखना है। फिर आप खुद से यह पूछे कि आपको क्या करना है।

फिर आप यह सोचिए कि आपको अगर जॉब करनी है तो किस चीज़ की जॉब करनी है?कहाँ कहाँ जॉब के लिए apply करना है? आदि। अगर आप को बिज़नेस करना है तो यह सोचे कि किस चीज़ का बिज़नेस करना है? उसमे कितना capital लगेगा आदि।

फिर आप खुद से यह कुछ सवाल पूछें और सोचें-

1. क्या आप अनुशासन के साथ 9 से 5 तक एक जगह रुक सकते हैं?
2. क्या आपके अन्दर रिस्क झेलने की क्षमता है?
3. क्या आपके सपने बहुत बड़े हैं?
4. क्या आप एक सादा जीवन जीना चाहते हैं?
5. क्या आप के पास रिटायर होने के बाद का कोई प्लान है?
6. क्या आपके अन्दर decision power है?
7. क्या आप हर दिन कुछ नया करना या फिर सीखना चाहते हैं?

इन सवालों को खुद से पूछें और खुद को analys करने की कोशिश करे।

निष्कर्ष

तो दोस्तों ये था हमारा आज का लेख जिसमे आपने जाना job vs business in hindi, जॉब के फायदे व नुकसान, बिज़नेस के फायदे व नुकसान और दोनो में अन्तर व समानता। इस लेख को पढ़ने के बाद आप यह तय कर सकते हैं कि आपको जॉब करनी है या बिज़नेस। आशा करते हैं कि आप को यह लेख पसंद आया होगा। इस इनफोरमेटिव लेख को अपने दोस्तों के साथ भी ज़रूर शेयर करें।

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