Mairwa Hariram Baba – हरिराम बाबा मैरवा धाम की कहानी

आपने कभी न कभी Mairwa Hariram Baba Ki Kahani के बारे में तो जरूर सुना होगा। क्योंकि यह एक ऐसा मंदिर है जहां पर काफी दूर दूर से लोग अपनी कई अलग अलग समस्या का समाधान करने के लिए दर्शन के लिए आते है।

जी हां अगर आप भी भूत प्रेत जैसी समस्या का सामना कर रहे है और इन सब से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो आपको एक बार श्री हरिराम ब्रह्म स्थान, मैरवा सिवान पर एक बार दर्शन हेतु जरूर जाना चाहिए।

दरअसल, श्री हरिराम ब्रह्म स्थान, मैरवा सिवान एक ऐसा मंदिर है, जो खास तौर पर भूत प्रेत जैसी समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए दुनिया भर में फेमस है।

यदि आप इस मंदिर में जाएंगे, तब आपको यहां पर कुछ ऐसे ऐसे बाते सुनने को मिलेंगे, जिसके बारे में सुनकर आप चौक जाएंगे। तो क्या आप भी Mairwa Hariram Baba Ki Kahani के बारे में जानना चाहते हैं, यदि हां आपके लिए हमारा पोस्ट काफी महत्वपूर्ण साबित होने वाला है।

क्योंकि आज के लेख में मैं आप सभी को Mairwa Hariram Baba Ki Kahani से जुड़ी हर महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करने वाला हूं। इसलिए अगर आप भी मैरवा हरिराम बाबा से जुड़ी हर जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो लेख के अंत तक बने रहें। तो चलिए अब सबसे पहले ये जान लेते है कि आखिर ये मंदिर आखिर है कहां?

मैरवा हरिराम धाम कहां है?

क्या आप जानते है कि मैरवा हरिराम धाम कहां है, यदि नहीं तो आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि यह मंदिर बिहार राज्य में सीवान जिले के 16 किलोमीटर दूर मौजूद मैरवा धाम बिहार और प्रदेशवासियों की आस्था का केंद्र माना जाता है। यहां पर लोग दूर दूर से आते है और श्री हरिराम ब्रह्म से अपनी समस्या बताते है और ऐसा कहा जाता है कि थोड़े ही समय में लोगों को उस समस्या से छुटकारा प्राप्त हो जाता है।

मैरवा हरिराम बाबा की कहानी – Mairwa Hariram Baba Ki Kahani

मैरवा की चर्चा की जाए, तो यह एक प्राचीन नगर है। वैसे आज के समय में यह नगर आम तौर पर हरिराम ब्रह्म धाम मंदिर के नाम से दुनिया भर में प्रसिद्ध है। पुराने मान्यताओं की बात की जाएं, तो हरिराम ब्रह्म प्रभु शिव जी के अवतार माने जाते है। ऐसा कहा जाता है कि हरिराम ब्रह्म बहुत ही चमत्कारी ब्राम्हणदेवता थे। वही इनकी जन्म की बात की जाए, तो हरिराम ब्रह्म का जन्म साल 1671 में हुआ था।

वही इनकी मृत्यु साल 1909 में हुई थी। दरअसल, हरिराम ब्रह्म एक चरवाहा के रूप में मैरवा में रहा करते थे। वही इस समय मैरवा में राजा कनक शाही का राज किया करते थे। ऐसा कहा जाता है कि हरिराम ब्रह्म के पास एक दुधारू भैंस और दो कुत्ते थे। भैंस की खासियत यह थी की वे असीमित दूध दिया करती थी और वही दूध चीनी से भी ज्यादा मीठा लगता था।

वही एक दिन राजा के राजमहल तक श्री हरिराम के भैंस की दूध की खबर पहुंची, तो राजा ने अपनी मंत्रियों को यह आदेश दिया कि वे बल पूर्वक महल में लाकर भैंस को बांध दे।

वही दूसरी तरफ देखा जाए तो हरिराम ब्रह्म जी कोई भी भोजन सेवन नहीं करते थे, वे केवल अपनी भैंस का ही दूध पीकर रहते थे। वही जब हरिराम ब्रह्म जी को अपनी भैंस के बारे में पता चला, तो उन्होंने गुस्से में आकर एक यज्ञ करना शुरू किया।

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यज्ञ के दौरान हरिराम के दो कुत्ते भी हवन के पास आकर बैठ गए। दरअसल, तकरीबन 21 दिनों तक ये यज्ञ चलता रहा और इस दौरान हरिराम ब्रह्म जी ने अपना अन्न जल जब त्याग बैठे थे। इससे हरिराम ब्रह्म जी की तबियत काफी ज्यादा खराब हो चुकी थी। हरिराम की मृत्यु निकट देख दोनो कुत्ते उसी हवन कुंड में कूद गए और उनकी मृत्यु हो गई।

कुछ ही वक्त बाद हरिराम ब्रह्म ने भी अपना जीवन त्याग दिया। जिसके पश्चात ऐसा कहा जाता है कि बाबा की आत्मा काशी विश्वनाथ को पहुंची थी। यहां पर पहुंच कर हरिराम ब्रह्म जी ने काशी विश्वनाथ की कई दिनों तक खूब भक्ति में लीन रहें। काशी विश्वनाथ जी ने हरिराम ब्रह्म जी की सेवा से खूब खुश हुए और यही वजह है कि उन्होंने हरिराम को अपना अंश बना लिया।

ऐसा कहा जाता है कि काशी से वापस होने के बाद हरिराम ब्रह्म जी मैरवा धाम पहुंचे थे। दरअसल, यहां पर इनका मंदिर भी बनाया गया। फिर कहा जाता है कि हरिराम ब्रह्म जी सिवान भी पहुंचे। ऐसा माना जाता है कि बिहार राज्य के सभी ब्राह्मणों के देव हरिराम ब्रह्म जी है। इसके साथ ही यह भी कहा जाता है कि हरिराम ब्रह्म जी के इजाजत के बिना कोई भी ब्रम्हा कुछ भी नहीं कर सकते है।

FAQ

Q1. हरिराम बाबा के गुरु जी कौन थे?

हरिराम बाबा के गुरु जी का नाम बाबा कृपाराम था।

Q2. हरीराम ब्रह्मा जी की मेला कब लगती है?

हरिराम ब्रह्मा जी का मेला 28 से लेकर 30 अगस्त तक लगा रहता है।

निष्कर्ष

आशा करता हूं कि आपको हमारा Mairwa Hariram Baba Ki Kahani का यह पोस्ट पसंद आया होगा। क्योंकि आज के लेख में मैंने आप सभी को मैरवा हरिराम बाबा की कहानी से जुड़ी हर महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान किया है। इसके साथ ही अगर आपको हमारे आज के इस मैरवा हरिराम धाम के पोस्ट को पढ़कर कोई सवाल करना हो, तो आप कमेंट करके पूछ सकते हैं। साथ ही हमारा आर्टिकल आपको उपयोगी लगें, तो शेयर जरूर करें।

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