Monu Patel Biography In Hindi | मोनू पटेल का जीवन परिचय?

बीते कुछ दिन पहले हीं मध्यप्रदेश की राजनीति में एक बड़ी दुखद खबर सामने आई है। जी हां, मध्यप्रदेश की राजनीति में धीरे धीरे अपनी धाक जमाने वाले युवा नेता मणि नागेंद्र सिंह पटेल उर्फ मोनू पटेल जी का निधन हो चुका है। मोनू पटेल नरसिंहपुर विधायक श्री झालम सिंह के पुत्र है। श्री जालम सिंह द्वारा यह जानकारी दी गई है की मोनू पटेल जी का निधन हार्ट अटैक होने से हुआ है। ऐसे में कई सारे लोग Monu Patel Biography In Hindi के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए उत्सुक है।

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अगर आप भी Monu Patel Biography In Hindi के बारे में जानना चाहते हैं तो आप आज का यह लेख अंत तक अवश्य पढ़ें। ऐसा इसलिए क्योंकि, आज हम आपको इस लेख में मोनू पटेल बायोग्राफी इन हिंदी के बारे में सम्पूर्ण जानकारी प्रदान करने वाले हैं। ताकि, आपको यह समझने में आसानी हो की मोनू पटेल किस व्यक्तित्व के आदमी थे।

मोनू पटेल का जीवन परिचय? | Monu Patel Biography In Hindi

मोनू पटेल का वास्तविक नाम क्या है?मणि नागेंद्र सिंह पटेल 
पिता जी का नामश्री जालम सिंह
माता जी का नाम सुमन सिंह पटेल 
बहन का नाम फलित सिंह पटेल 
भाई का नाम प्रबल पटेल
पत्नी का नामनीतू सिंह
पेशा क्या है?समाजिक कार्य (राजनीति)

मोनू पटेल कौन है? 

नरसिंहपुर विधायक श्री जालम सिंह के 32 वर्षीय पुत्र हैं मोनू पटेल जिनका वास्तविक नाम मणि नागेंद्र सिंह पटेल है। मोनू पटेल मध्यप्रदेश की राजनीति में उभरते हुए युवा नेता माने जाते थे जो की सामाजिक कार्यों में पूरा समर्पित रहते थे। यही ही नहीं जब भी जनता को मोनू पटेल की जरूरत पड़ती थी तो वह हमेशा जनता कि मदद के लिए हाजिर रहते थे। यही खास वजह थी कि मध्यप्रदेश की जनता भी उन्हें बहुत प्यार करती थी और उनके समर्थन में भी हमेशा खड़ा रहती थी।

एक कहावत है ना जब आप अपने समाज या जनता के प्रति कुछ अच्छा काम करेंगे तो आपके पीछे कुछ नकारत्मक काम करने वाले लोग लग जाते हैं जो की आपको सकारात्मक कार्य करने से रोकते हैं। लेकिन, वहीं मोनू पटेल जी का सोचना था की कुछ नकारत्मक गतिविधि से एक सामाजिक कार्यकर्ता को समाज की सेवा करने से रुकना नहीं चाहिए।

वहीं श्रीमती आरती सतीश पटेल जी द्वारा यह जानकारी दी गई है कि मोनू पटेल कोरोना काल में लोगों को काफी मदद की है और उन्हें सामान्य जीवन जीने के लिए प्रेरित किया है। इसके अलावा उन्होंने यह भी खुलासा किया है कि मोनू पटेल अपने पिता श्री जालम सिंह पटेल की तरह हीं जनता की हर एक विषय पर भरपूर मदद करने के प्रयास में कामयाब रहे हैं।

मोनू पटेल का राजनीतिक करियर? 

जैसा कि मैंने आपको पहले भी बताया कि मोनू पटेल राजनीति में एक उभरते हुए युवा नेता थे जो की अपनी जनता से इतना जुड़े हुए थे की प्रत्येक मंगलवार को जनसुनवाई का आयोजन किया करते थे। इस जनसुनवाई में वो आपराधिक मामलों से लेकर पारिवारिक मामलों को भी सुलझाते हुए नजर आते थे। 

हालांकि, जो भी लोग मोनू पटेल जी द्वारा किया गया जनसुनवाई आयोजन में मदद के लिए गए तो वह खाली हाथ वापस नहीं लौटे और यही व्यक्तित्व के लिए जनता उन्हें याद करती है। यही खास वजह रही है कि मोनू पटेल युवा पीढ़ियों के लिए आइडल रहे हैं। 

मोनू पटेल के पिता कौन है? 

मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले के भाजपा (BJP) विधायक श्री जालम सिंह पटेल हीं मोनू पटेल उर्फ मणि नागेंद्र सिंह पटेल के पिता है। अगर हम जालम सिंह पटेल की बात करें तो यह केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल जी के भाई है जो की मध्यप्रदेश नरसिंहपुर से दो बार चयनित हुए है। इसके अलावा देखा जाए तो मोनू पटेल अपने पिता की तरह हीं सामाजिक सेवा करने में विश्वास रखते हैं। 

ऐसा इसलिए क्योंकि, वह अपने पिता को जनता के हित के लिए लड़ते हुए और झूझते हुए देखा है। वहीं मोनू पटेल अपने पिता से हीं प्रेरित होकर जनता की सेवा करने में लगें और सामाजिक कार्य करने में इस कदर जुटें की जनता उनके परिश्रम को दोनों हाथ से अप्रिशिएट करने लगी। 

मोनू पटेल का परिवार? 

अगर आप मोनू पटेल उर्फ मणि नागेंद्र सिंह पटेल के परिवार के बारे में जानना चाहते हैं तो आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि मोनू पटेल के पिता जी का नाम श्री जालम सिंह पटेल हैं और इनके पिता नरसिंहपुर जिले के भाजपा विधायक पद पर कार्यरत है। वहीं मोनू पटेल के माता जी का नाम सुमन सिंह पटेल है। इसके अलावा मोनू पटेल की एक बहन है जिनका नाम फलित सिंह पटेल है। वहीं मोनू पटेल के एक भाई भी है जिनका नाम प्रबल पटेल है। 

मोनू पटेल की वाइफ? 

जानकारी के मुताबिक मोनू पटेल जब 25 वर्ष के थे तो उनकी शादी नीतू सिंह से करा दी गई थी। जिसके बाद इन दोनों की शादी अधिक समय तक चल नहीं पाई और रिश्ता टूट गया। जिसके बाद नीतू सिंह द्वारा अपने पति मोनू पटेल समेत ससुर जालम सिंह के अलावा प्रह्लाद सिंह पर दहेज उत्पीड़न के साथ घरेलू हिंसा करने का आरोप लगाते हुए दिल्ली पुलिस में आवेदन दिया था। 

हालांकि, नीतू सिंह द्वारा आवेदन देने के बावजूद भी दिल्ली पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई। जिसके बाद नीतू सिंह ने मीडिया के सामने भी अपना बयान दिया और अपने पति और ससुर पर आरोप लगाई। वहीं बीजेपी विधायक जालम सिंह ने नीतू सिंह द्वारा लगाए गए आरोप को सीधे से खारिज कर दिया और झूठा करार बताया। 

मोनू पटेल की मौत कैसे हुई? 

सूत्रों के हवाले से मिली खबर के मुताबिक मोनू पटेल अपने आवास पर सो रहे थे जिसके बाद से वो बहुत देर तक उठे हीं नहीं। तब घर के परिजनों को शंका हुआ तो वे मोनू को उठाने चले गए और उठाने की कोशिश किए। लेकिन, घर के परिजनों द्वारा मोनू पटेल को उठाने की कोशिश करने के बाद भी वह नहीं उठे और न उनके शरीर में किसी प्रकार का हरकत हुआ। जिसके बाद से उन्हें गोटेगांव के अस्पताल में ले जाया गया और डॉक्टरों द्वारा उन्हें चेक किया गया तो उनकी मृत्यु हो चुकी थी। 

लेकिन, डॉक्टर द्वारा अभी यह स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है की उनकी मृत्यु कैसे हुई है। कुछ लोगों का कहना है कि मोनू पटेल का मौत हार्ट अटैक से हुई है और कुछ लोग ऐसे भी हैं जो ब्रेन हेमरेज से मौत होने की बात कर रहें। लेकिन, डॉक्टर द्वारा बताया जा रहा है की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद हीं मौत का कारण बताया जा सकता है।

मोनू पटेल सोशल मीडिया लिंक्स?

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Monu Patel Facts In Hindi? 

अब हम आपको नीचे मोनू पटेल के 5 ऐसे फैक्ट्स के बारे में बताने वाले हैं जिसे जानकर आप भी कहेंगे की समाज सेवक हो तो मोनू पटेल जैसा हो। 

1. मोनू पटेल सामाजिक कार्यों में पूरी तरह समर्पित थें

देखा जाए तो मोनू पटेल की सबसे खास बात यह है की वह सामाजिक कार्यों में अपने आप को पूरी तरह समर्पित कर दिए थे। हर सामाजिक कार्य में मोनू पटेल अपनी भागीदारी विश्वास पूर्वक देते थे।

2. कोरोना काल में जरूरतमंद लोगों को किया मदद

जब देश में कोरोना जैसी महामारी फैली थी तो मोनू पटेल ने जरूरतमंद लोगों को काफी मदद किया था। उन्होंने कोरोना जैसी गंभीर महामारी में भी लोगों को सामान्य तरीके से जीवन जीना सिखाया है। 

3. अपने पिता से प्रेरित होकर समाज सेवक बनने का लिया फैसला

जैसा कि आप सभी को पता है कि मोनू पटेल के पिता जालम सिंह पटेल बीजेपी के विधायक है और एक अच्छे नेता की रूप में पहचान है। यही कारण है कि मोनू पटेल अपने पिता को सामाजिक कार्य में कुछ मुद्दे पर झूझते हुए और लड़ते हुए और सफल होते हुए काफी करीब से देखा है। जिसके बाद मोनू अपने पिता से प्रेरित होकर सामाजिक कार्य में पूरी तरह समर्पित हो गए।

4. प्रत्येक मंगलवार को जनसुनवाई का करते हैं आयोजन 

देखा जाए तो मोनू पटेल और उनके टीम के सदस्य द्वारा प्रत्येक मंगलवार को जनसुनवाई का आयोजन किया जाता था। इस जनसुनवाई में मोनू पटेल द्वारा जनता के समस्याओं को सुना जाता था और उसे हल किया जाता था। 

5. जनता को काफी पसंद आते थे मोनू पटेल

मोनू पटेल अपने व्यक्तित्व और समाज के प्रति सेवा भाव से जनता के दिल में अपनी जगह बना चुके थे। यही मुख्य कारण था की जनता मोनू पटेल को काफी पसंद करती थी।

FAQ 

मोनू पटेल की उम्र क्या थी? 

मोनू पटेल की उम्र 32 वर्ष थी।

मोनू पटेल के मौत की वजह क्या थी? 

देखा जाए तो कई सारे लोगों द्वारा यह बताया जा रहा की मोनू पटेल की मौत हार्ट अटैक से हुई है और कुछ लोगों द्वारा यह जानकारी दी जा रही कि मोनू पटेल की मौत ब्रेन हेमरेज से हुई है। लेकिन, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद हीं यह स्पष्ट किया जाएगा की मोनू पटेल की मौत कैसे हुई थी। 

मोनू पटेल के पिता कौन है? 

मोनू पटेल के पिता श्री जालम सिंह पटेल हैं जो मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले के बीजेपी विधायक हैं।

निष्कर्ष 

मैं उम्मीद करता हूं कि आपको इस लेख में Monu Patel Biography In Hindi से संबंधित सम्पूर्ण जानकारी आपको आसानी से समझ आ गई होगी और आपको समझ आ गया होगा की मोनू पटेल किस व्यक्तित्व के आदमी थे। मेरा मानना यह है की मोनू पटेल अपने व्यक्तित्व के कारण हीं युवाओं के आइडल बनें और जनता के दिल में जगह बनाई और यही कारण भी था की जनता उन्हें बहुत प्यार करती थी और अपना पूरा समर्थन समर्पित करती थी। अगर आपको Monu Patel Biography In Hindi से संबंधित कुछ अन्य सवाल पूछना हो तो आप कमेंट करके पूछ सकते हैं। 

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