Best Top Short Moral Stories In Hindi For Class 8 | हिंदी कहानियां – 2021

moral stories in hindi for class 8

1 . बारहसिंगे के सींग और पाँव 

(moral stories in hindi for class 8)

moral stories in hindi for class 8

Short moral stories in hindi for class 8 : एक बारहसिंगा था । एक बार वह एक तालाब के किनारे पानी पी रहा था । इतने में उसे पानी में अपना प्रतिबिंब दिखाई दिया । उसने मन – ही – मन सोचा , ‘ मेरे सींग कितने सुंदर हैं । 

किसी अन्य जानवर के सींग इतने सुंदर नहीं हैं । ‘ इसके बाद उसकी नजर अपने पैरों पर पड़ी । उसे बहुत दुःख हुआ । ” मेरे पैर कितने दुबले – पतले और भद्दे हैं ।’  

तभी उसे थोड़ी दूर पर बाघ के दहाड़ने की आवाज सुनाई दी । बारहसिंगा डर कर तेजी से भागने लगा । उसने पीछे मुड़ कर देखा । बाघ उसका पीछा कर रहा था । वह और तेज गति से भागने लगा । भागते – भागते वह बाघ से बहुत दूर निकल गया । आगे एक घनघोर जंगल था । वहाँ पहुँच कर उसे कुछ राहत मिली । वह अपनी गति धीमी कर सावधानीपूर्वक आगे बढ़ने लगा । 

एकाएक उसके सींग एक पेड़ की डालियों में उलझ गए । बारहसिंगे ने अपने सींग छुड़ाने की बहुत कोशिश की , पर वे नहीं निकले ।

उसने सोचा , ‘ ओह ! मैं अपने दबले – पतले और भद्दे पैरों को कोस रहा था । पर उन्हीं पैरों ने बाघ से बचने में मेरी मदद की । मैंने अपने सुंदर सींगों की बहुत तारीफ की ! 

पर ये ही सींग अब मेरी मृत्यु का कारण बनने वाले हैं । ‘ इतने में बाघ दौड़ता हुआ आ पहुँचा और उसने बारहसिंगे को मार डाला । 

शिक्षा

सुंदरता से उपयोगिता अधिक महत्त्वपूर्ण होती है ।

2. मुर्गा और लोमड़ी 

(moral stories in hindi for class 8)

moral stories in hindi for class 8 - murga or lomdi

एक जंगल में एक धूर्त लोमड़ी रहती थी । एक बार उसने एक मुर्गे को । पेड़ की ऊँची डाल पर बैठे हुए देखा । लोमड़ी ने मन – ही – मन सोचा , ‘ कितना बढ़िया भोजन हो सकता है यह मेरे लिए ? पर मुश्किल यह थी कि वह पेड़ पर चढ़ नहीं सकती थी । वह चाहती थी कि किसी तरह मुगां नीचे उतर आए । 

 इसलिए लोमड़ी पेड़ के नीचे गई । उसने मुर्गे से कहा , ” मुर्गा भाई , आपके लिए एक खुशखबरी है । स्वर्ग से अभी – अभी आदेश आया है कि अब से सभी पशु – पक्षी मिल – जुल कर रहेंगे । अब वे कभी एक – दूसरे को नहीं मारेंगे । 

लोमड़ियाँ भी अब मुर्गे – मुर्गियों को नहीं खाएंगी । इसलिए तुम्हें मुझसे डरने की जरूरत नहीं है । नीचे आ जाओ ! हम लोग बैठकर आपस में बातें करेंगे । 

” मुर्गे ने कहा , “ वाह – वाह ! यह तो तुमने बड़ी अच्छी खबर सुनाई । वह देखो , उधर तुम्हारे कुछ दोस्त भी तुमसे मिलने के लिए आ रहे हैं । “

‘ मेरे दोस्त ! ” लोमड़ी ने आश्चर्य से कहा , ” मेरे कौन – से दोस्त आ रहे हैं ? ” ” वही , शिकारी कुत्ते ! ” 

मुर्गे ने मुस्कराते हुए कहा । शिकारी कुत्तों का नाम सुनते ही लोमड़ी भय से काँपने लगी । उसने भागने के लिए जोर की छलाँग लगाई ।

मर्गे ने कहा , ” तुम उनसे क्यों घबरा रही हो ? अब तो हम लोग आपस | में दोस्त बन गए हैं न ? ” | ” हाँ , हाँ यह बात तो है ! ” 

लोमड़ी ने कहा , “ पर इन कुत्तों को अभी शायद इस बात का पता नहीं होगा । ” यह कह कर लोमड़ी शिकारी कुत्तों के डर से सरपट भाग खड़ी हुई । । 

शिक्षा

धूर्त की बातों पर आँख मूंद कर विश्वास नहीं कर लेना चाहिए ।

3 . बिल्ली के गले में घंटी ! 

(moral stories in hindi for class 8)

moral stories in hindi for class 8

एक पंसारी था । उसकी दुकान में बहुत से चूहे रहते थे । वहाँ उनके खाते का भरपूर सामान था । वे अनाज , सूखे मेव , ब्रेड , बिस्कुट , जाम और चीज़ आदि छक कर खाते थे ।

चूहों के कारण पंसारी को काफी नुकसान होता था । एक दिन उसने सोचा । ‘ इन चूहों से छुटकारा पाने के लिए मुझे कुछ उपाय करना चाहिए । वरना ये । तो मुझे कहीं का नहीं छोड़ेंगे । ‘ 

एक दिन दुकानदार एक बड़ी और मोटी – सी बिल्ली ले आया । उसने उसे दकान में छोड़ दिया । अब चूहे खुलेआम घूम – फिर नहीं सकते थे । बिल्ली । रोज किसी न किसी चूहे को पकड़ती और उसे मार कर खा जाती ।

धीरे – धीरे चूहों की संख्या कम होने लगी । इससे चूहों को बहुत चिंता हुई । उन्होंने इसका उपाय ढूँढ़ने के लिए सभा की । सबने एक स्वर में कहा , ” हमें इस बिल्ली से छुटकारा पाना ही होगा । ” पर छुटकारा पाने के लिए क्या करना चाहिए , यह उस सभा में किसी को नहीं सूझता था । 

तभी एक होशियार चूहे ने खड़े हो कर कहा , ” बिल्ली बहुत चालाक है , वह दबे पाँव बड़ी फुतों से आती है । इसलिए हमें उसके आने का पता ही नहीं चलता । हमें किसी तरह उसके गले में एक घंटी बाँध देनी चाहिए । “

दसरे चूहे ने उसका समर्थन किया , ” वाह ! क्या बात कही है ! जब बिल्ली चलेगी , तो उसके गले की घंटी बजेगी । हम घंटी की आवाज सुन कर सावधान हो जाएंगे । हम इतने फासले पर रहेंगे कि वह हमारा कुछ भी नहीं बिगाड़ सकेगी । ” 

सभी चूहों ने इस सुझाव का समर्थन किया । सारे चूहे खुशी से नाचने लगे । तभी एक बूढ़े चूहे ने कहा , ” खुशियाँ मनाना बंद करो । मुझे सिर्फ इतना बताओ कि बिल्ली के गले में घंटी कौन बाँधेगा ? ” 

यह सुनते ही सारे चूहे चुप हो गए । वे एक – दूसरे का मुँह ताकने लगे । उन्हें इस सवाल का कोई जवाब नहीं सूझा ।

शिक्षा

जिस सुझाव पर अमल न हो सके , वह सुझाव किस काम का ! 

4. डरपोक खरगोश 

(moral stories in hindi for class 8)

moral stories in hindi for class 8 - एक खरगोश

एक जंगल में एक खरगोश रहता था । वह बहुत डरपोक था । कहीं जरा सी भी आवाज सुनाई पड़ती , तो वह डर कर भागने लगता । डर के मारे वह हर वक्त अपने कान खड़े रखता । इसलिए वह कभी सुख से सो नहीं पाता था । 

एक दिन खरगोश एक आम के पेड़ के नीचे सो रहा था । तभी पेड़ से एक आम उसके पास आ कर गिरा । आम गिरने की आवाज सुन कर वह हड़बड़ा कर उठा और उछल कर दूर जा खड़ा हुआ । ” भागो ! भागो ! आसमान गिर रहा है ! ” चिल्लाता हुआ वह सरपट भागने लगा । M

रास्ते में उसे एक हिरन मिला । हिरन ने उससे पूछा , ” अरे भाई , तुम इस तरह भाग क्यों रहे हो ? आखिर मामला क्या है ? ” खरगोश ने कहा , ” अरे भाग , भाग ! जल्दी भाग ! आसमान गिर रहा है । ” 

हिरन भी डरपोक था । इसलिए वह भी भयभीत हो कर उसके साथ भागने लगा । भागते – भागते दोनों जोर – जोर से चिल्ला रहे थे , ” भागो ! भागो ! आसमान गिर रहा है । ” 

उनकी देखादेखी डर के मारे जिराफ़ , जेब्रा , भेड़िया , लोमड़ी , गीदड़ तथा अन्य जानवरों का झुंड भी उनके साथ भागने लगा । 
सभी भागते – भागते एक साथ चिल्लाते जा रहे थे , ” भागो ! भागो ! आसमान गिर रहा है । “

उस समय सिंह अपनी गुफा में सो रहा था । जानवरों का शोर सुन कर वह हड़बड़ा कर जाग उठा । गुफा से बाहर आया , तो उसे बहुत क्रोध आया । उसने दहाड़ते हुए कहा , ” रुको ! रुको ! आखिर क्या बात है ? ” 

सिंह के डर से सभी जानवर रुक गए । सबने एक स्वर में कहा , ” आसमान नीचे गिर रहा है । ” 

यह सुन कर सिंह को बड़ी हँसी आई । हँसते – हँसते उसकी आँखों में आँसू आ गए । उसने अपनी हँसी रोक कर कहा , ” आसमान को गिरते हुए किसने देखा है ? ” सब एक – दूसरे का मुँह ताकने लगे । 

अंत में सभी की निगाह खरगोश की ओर मुड़ गई । खरगोश सहम उठा । तभी उसके मुंह से निकला , ” आसमान का एक टुकड़ा तो उस आम के पेड़ के नीचे ही गिरा है । 

” अच्छा चलो , हम वहाँ चल कर देखते हैं । ‘ सिंह ने कहा । सिंह के साथ जानवरों की पूरी पलटन आम के पेड़ के पास पहुँची । सब ने इधर – उधर तलाश की । किसी को आसमान का कोई टुकड़ा कहीं नजर नहीं आया । हाँ , एक आम जरूर उन्हें जमीन पर गिरा हुआ दिखाई दिया । 

सिंह ने आम की ओर इशारा करते हुए खरगोश से पूछा , “ क्या यही है आसमान का टुकड़ा , जिसके लिए तुमने सबको भयभीत कर दिया ? ” अब खरगोश को अपनी भूल समझ में आई । उसका सिर शर्म से झुक गया । 

वह डर के मारे थर – थर काँपने लगा । । दूसरे जानवर भी इस घटना से बहुत शर्मिदा हुए । वे अपनी गलती पर पछता रहे थे कि सुनी – सुनाई बात से डर कर वे बेकार ही भाग रहे थे । 

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सुनी-सुनाई बात पर विश्वास नहीं करना चाहिए ।  [/su_box]

conclusion

कुछ ऐसी ही what are short moral story in hindi.? हम अक्सर आपके लिए लेकर आते रहते हैं । दोस्तों  अगर आप इसी तरह की moral stories in hindi for class 8  के बारे में पढ़ना चाहते हैं तो हमारे साइट को सब्सक्राइब कर लीजिए क्योंकि हम आपके लिए DAILY ऐसी ऐसी मजेदार कहानिया लेकर आते रहेंगे अगर आपको हमारी यह स्टोरी अच्छी लगी हो तो प्लीज अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करें. 

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