कुत्ते की आदत छूटी – Panchatantra Story In Hindi With moral

82 / 100
कुत्ते की आदत छूटी - Panchatantra Story In Hindi With moral
Panchatantra Story In Hindi With moral

कुत्ते की आदत छूटी – Panchatantra Story In Hindi With moral

गक बार दो गायें चारा खाने के लिए गोशाला गई । वहाँ पहुंचने पर अपनी । नाँद में उन्हें एक कुत्ता बैठा हुआ दिखाई दिया । गायों को देख कर कुत्ता जोर – जोर से भौंकने लगा । उसे लगा कि भौंकने से गायें डर कर भाग जाएंगी । कुत्ते की आदत छूटी – Panchatantra Story In Hindi

उनमें से एक गाय ने कुत्ते से कहा , “ देखो भाई , हमें भूख लगी है । हमें | घास खा लेने दो । यह हमारा भोजन है । ” गाय की बातें सुन कर कुत्ता चिढ़ गया । वह और जोर – जोर से भौंकने लगा । बेचारी गायें वापस लौट आई ।

बाद में एक गाय जा कर एक बैल को बुला लाई । बैल ने कुत्ते से कहा , अरे भाई तू तो घास खाता नहीं ! यह तो ढोरों का चारा है । तू यहाँ से चला जा ।

पर बैल की बात का कुत्ते पर कोई असर नहीं पड़ा । वह जम कर वहीं डटा यह देख कर बैल को गुस्सा आ गया । वह जोर – जोर से डकारने लगा । सींग तान कर वह कुत्ते पर वार करने के लिए तैयार हो गया । कुत्ते ने कि गुस्से में है । इसलिए वह तुरंत दुम दबा कर भाग खड़ा हुआ ।

शिक्षा ( Moral Of Panchtantra story in hindi )

दुसरो की चीज पर अधिकार जताना अच्छा नही . |कुत्ते की आदत छूटी – Panchatantra Story In Hindi With moral 

Read Moral Stories More :

Recommended Love Stories  :

Close Bitnami banner